Sex With Sister In Law At Home | गोरी गोरी किराएदार सेक्सी भाभी की चुदाई | Indian Hot Stories

Sex With Sister In Law At Home /गोरी गोरी किराएदार सेक्सी भाभी की चुदाई


Sex With Sister In Law


हेलो दोस्तो, मेरा नाम मनोज है मैं मध्य प्रदेश के रीवा  शहर में रहने वाला एक 26 साल का युवा लड़का हूं। मेरे यहां किरायेदारों को किराए से कमरे देने का बिजनेस है।

बात उस समय की है जब मेरी पत्नी सावन के त्यौहार में अपने घर गई हुई थी। मेरे यहां उसी समय किराये से रहने के लिए एक पंडित बिरादरी का जोड़ा आया। पति का नाम शिव कुमार पांडे था वह कम से कम 38 साल का था. और उसकी पत्नी तो देखते ही किसी का भी लंड खड़ा हो जाए और सलामी देने लगे। बिल्कुल दूध की जैसे सफेद गोरी।

मुझे उसकी पत्नी को देखते हुए आश्चर्य होता था कि उसने इस आदमी से कैसे शादी कर ली है। उसकी किस्मत और उससे भी कहीं ज्यादा सुंदर उसकी बेटी जो करीब 18 साल की थी। जवानी में उसने अभी अभी ही कदम रखा था।

लेकिन उसका फिगर भी क्या फिगर … उसे तो देखकर ही मुंह में मेरे पानी आ जाता था। अपनी मां से भी ज्यादा सुंदर, किसी अप्सरा की तरह बहुत ही सुंदर, बहुत ही ज्यादा गोरी।

इन किरायेदारों को आए हुए करीब 3 माह हो चुके थे. मेरी पत्नी मायके गई हुई थी और मेरे माता-पिता भी मेरे परिवार में किसी कार्यक्रम को लेकर बाहर गए हुए थे। मैं घर में बिल्कुल अकेला था।

मैं आपको बता दूं कि मेरे मां-बाप का कमरा नीचे और मेरा कमरा ऊपर था। ऊपर को जाने हुए एक बाहर की ओर एक सीढ़ी थी। जिसमें मेरा कमरा और उसके सामने किरायेदारों का कमरा था।
किरायेदारों को अपने कपड़े डालने के लिए ऊपर छत जाना पड़ता था मेरे कमरे के सामने वाली सीढ़ी से।

अक्सर उसकी पत्नी गाउन में होते हुए मुझे देखते हुए ऊपर जाती रहती थी। कई बार मैं दरवाजा खोले बिना शर्ट, टीशर्ट पहने के सामने बैठा रहता था।

शुरु शुरु में तो वह कभी कभी अपनी आंखें झुका लेती थी लेकिन कुछ दिनों से वह मुझे मेरी तरफ देख कर मुस्कुराते हुए नीचे चली जाती थी। मैं भी अनजान बनते हुए कुछ भी नहीं कहता था।

पर एक दिन वह मुझे देखकर जोर से मुस्कुराते हुए नीचे चली गयी. मैं तो वैसे ही अपनी पत्नी के ना होने पर भरा हुआ बैठा था और दिन भर अंतर्वासना में कहानी पढ़ते हुए मैंने भी चांस लेने का सोचा।

तो जब वो दोबारा आई तो मैं भी उसे देखकर मुस्कुरा दिया. वह मुस्कुराती हुई मेरे कमरे में आकर बोली- क्या बात है आजकल आप बहुत उदास उदास रहते हैं?
मैं बोला- हां भाभी।
“क्या हुआ?”
मैंने कहा- मेरी पत्नी बाहर गयी हुई है, मेरे मां-बाप बाहर गए हैं. और मैं अकेले बैठे बैठे बोर हो जाता हूं।
तो उन्होंने बोला- आप चिंता क्यों करते हैं. मैं हूं ना … मुझे बताइए मैं क्या करूं? आपके लिए कुछ बना कर लाऊँ?

आपको बताना तो भूल गया कि उनका नाम माधुरी था।
तो मैं बोला- नहीं भाभी!

उसके बाद उन्होंने मेरी पत्नी के बारे में पूछा।
मैंने उनको बताया कि हमारी लाइफ बहुत ही अच्छी चल रही है।
और थोड़ी देर बाद वह चली गई।

फिर कभी कभी वह खुद आकर बैठ जाती और बातें करने लगती।

एक दिन वह थोड़ी उदास दिख रही थी। मैंने उन्हें देखा और वह कुछ बोले बिना नीचे चली गई।

फिर मैं उनके कमरे में गया, मैंने पूछा- माधुरी भाभी, आप उदास क्यों हैं? क्या हुआ, कोई परेशानी है तो मुझे बताइए? मैं आपके पति से बात करूंगा।
तो उन्होंने कुछ नहीं बोला और मेरे लिए पानी ले आई।

फिर उन्होंने कहा- आप नहीं समझेंगे। हम पति-पत्नी का मामला है।
तो मैं ऐसे उठकर जाने लगा।

फिर उन्होंने रोका- सुनिए, आप तो नाराज हो गए।
तो मैंने कहा- नहीं, मैं नाराज नहीं हुआ। लेकिन जब आप मुझसे वह बात नहीं बता सकती तो मैं कैसे आपकी तकलीफ दूर करूंगा.

उन्होंने बताया- मेरे पति समय से घर नहीं आते और शराब बहुत पीते हैं। इसके कारण मैं बहुत परेशान रहती हूं और मेरी जिन्दगी अच्छे से नहीं चल रही।
मैंने कहा- आप चिंता नहीं करें, मैं उन्हें समझा लूंगा, धीरे-धीरे सब ठीक हो जाएगा।

मेरे ऐसा कहते ही उसने मेरा हाथ पकड़ लिया और कहा- आप कितने अच्छे हैं।
जैसे ही उसने मेरा हाथ पकड़ा … पता नहीं शरीर में ऐसा लगा जैसे करंट दौड़ गया। मेरा पूरा शरीर हल्का सा हो गया और मेरे शरीर का रोम रोम सा खिल गया।

शायद उन्हें अहसास हो गया और उन्होंने कहा- क्या बात है? पत्नी की याद आ गई।
तो मैं भी मुस्कुरा दिया।

फिर वह चाय बनाने के लिए रसोई में चली गई। उनकी लड़की भी कोचिंग के लिए बाहर गई हुई थी।

माधुरी भाभी मेरी तरफ पलट के देखते हुए बार बार मुस्कुरा रही थी। मुझे पता नहीं क्या हो रहा था। मैं भी उनकी पीठ जो गोरी गोरी दिख रही थी देख रहा था. और उनके उभरे हुए चूतड़ देख कर मेरा लंड में आग लग रही थी मानो मेरा लंड कपड़े फाड़ के बाहर निकल जाएगा।

फिर पता नहीं मुझ पर क्या धुन सवार हुई … मैं उनके पीछे पीछे किचन की तरफ चला गया।

थोड़ी देर बाद उन्हें मुझे पलट के देखा- आप यहां क्यों आ गए? मैं तो चाय ला ही रही थी।

मुझसे रहा नहीं गया … मैंने उनको कसके अपनी बांहों में ले लिया। वह भी कराहने सी होने लगी।

फिर भाभी ने मुझे अपने से दूर किया और कहा- यह सब गलत है.
मैंने भी सोचा कि भाभी सही कह रही है. और मैं जाने लगा.

पर जैसे ही मैं मुड़ा … तो भाभी ने मेरा हाथ पकड़ लिया और अपनी ओर खींच लिया और मुझे एक जोरदार चुम्बन किया जिससे मेरा पूरा शरीर खिल उठा.

फिर मैंने उनके गाऊन को ऊपर करते हुए उनकी पेंटी में हाथ डाल दिया. भाभी की चूत पर काफी बाल थे जैसे महीनों से साफ ना किये हों. तब भी मैंने उनके गड्ढे को ढूंढते हुए योनि में उंगली डाल दी.

वो तो बिल्कुल लगता था कि जैसे स्वर्ग में चली गई. उनके मुंह से आनन्द भरी आवाजें निकलने लगी.
फिर मैंने अपने होंठ उनकी रसीले होंठों पर चिपका दिए. ऐसा मैंने कम से कम 15 मिनट तक किया.

फिर मैंने उनका गाऊन निकाल दिया. क्या दूध जैसा गोरा बदन … उसमें काली ब्रा पेंटी … अब तो मैं और बेकाबू हो गया और मैंने अपनी टी-शर्ट जो पहनी थी, वहीं उतार के फेंक दी और उनको पागलों के जैसे चाटने लगा.

जैसे ही मैं उनको चाटने लगा, भाभी और तेजी से सांस भरने लगी और उनका पूरा शरीर गर्म हो गया. मैं उनको गोद में उठाकर बिस्तर की ओर ले गया. फिर मैंने उन्हें अपने बिस्तर पर लेटा दिया और एक हाथ उसकी पैंटी के अंदर डाला और जोर से उनकी चूत मसलने लगा. दूसरा हाथ उनकी गर्दन के नीचे रख कर माधुरी भाभी को जोर से किस करने लगा.

ऐसा हम लोगों ने आधे घंटे तक किया. मैंने उनके होंठ गाल आँखें, गला, ब्रा से बाहर निकले बूब्स, सब जगह चूमा और चाटा.

इससे भाभी की वासना पूरी प्रज्ज्वलित हो गयी और उन्होंने जल्दी से मेरा अंडरवियर उतार दिया. मेरे लंड को देखकर भाभी बहुत खुश हुई. मेरा साढ़े 7 इंच का लंड देख कर भाभी खुद को रोक नहीं पायी और उसको हाथ में पकड़ कर जोर से हिलाने लगी और उससे खेलने लगी.

मैं समझ गया कि भाभी चुदाई की प्यासी हैं. फिर भाभी ने मेरा लंड अपने मुंह की ओर खींचा. मैंने यह आज तक कभी नहीं किया था. ना मेरी पत्नी ने कभी मुझसे करवाया था.

भाभी मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर जोर जोर से चूसने लगी. यह मेरे लिए पहली दफा था. भाभी मेरा लंड ऐसे चूस रही थी जैसे कोई लॉलीपॉप!

मुझसे रहा नहीं गया और 15 मिनट तक अपने आप को संभालने के बाद मैं उनके मुंह में ही झड़ गया. और भाभी हंसती हुई बाथरूम की ओरचली गयी.

फिर भाभी मुंह धोकर मेरे पास आई और दोबारा मेरे लंड से खेलने लगी और फिर उसको चूसने लगी.

ऐसे करते करते 7 मिनट बाद मेरा लंड दोबारा खड़ा हो गया. फिर मैंने जोर से उनकी ब्रा खींच ली. ब्रा के हुक टूट गए और उनकी पूरी नंगी चूचियां मेरे सामने थी. फिर मैं उनके बूब्स पर टूट पड़ा और मैंने एक एक करके उनके बूब्स बहुत जोर से दबाया और चूसा. मैं जैसे ही बूब्स दबाता … उनके मुंह से एक छोटी सी आह निकल जाती.

ऐसे करते-करते करीब 20 मिनट हो गये तो उन्होंने बोला- ऊपर ही रहोगे? नीचे नहीं जाओगे?
मैं उनका इशारा पाकर समझ गया और उनके पूरे बदन को चूमता हुआ नीचे आया फिर मैंने उनकी झांट के बालों को हटाकर उनकी योनि में उंगली डाली.

और जैसे ही मैंने योनि में उंगली डाली, मुझे लगा कि वो सातवें आसमान पर चली गयी और ‘जोर से … और जोर से …’ करने को बोले लगी.
फिर मैं और जोर से भाभी की चूत में उंगली करने लगा.

ऐसा करते करते ही भाभी को पूर्ण आनन्द प्राप्त हो गया, वो झड़ गई और उन्होंने मुझे अपने सीने से चिपका लिया और बोली- मुझे आज तक ऐसा मजा किसी ने नहीं दिया.
फिर वे बोली- सिर्फ उंगली से ही काम चलाओगे? अपने उसका जलवा भी तो दिखाओ!

मैं समझ गया, मैंने एक टांग ऊपर करके धीरे से अपना लंड उनके गड्ढे में सेट किया और जैसे ही मैंने झटका मारा, उनकी मुंह से एक जोरदार चीख निकल गयी.
मैं तो डर ही गया. मैं थोड़ी देर रुका.

फिर मैंने उनसे दर्द होने का कारण पूछा तो उन्होंने बताया- मेरे पति को सेक्स करने का ज्यादा शौक नहीं है तो मैं प्यासी ही रह जाती हूं. पिछली बार उन्होंने करीब 6 महीना पहले किया था.

मैं उनकी पीड़ा समझ गया. फिर मैंने अपने लंड को भाभी की चूत से निकालकर जोरदार तरीके से फिर थोक दिया. लेकिन इस बार मैंने अपने होंठ भाभी के होंठों के ऊपर रख लिए थे.

अब मैं और जोर-जोर से झटके मारने लगा. भाभी भी अपने चूतड़ उठा उठा कर मेरा साथ दे रही थी और तेज तेज चुदाई के लिए कह रही थी.
मुझे भी बहुत मजा आ रहा था.

हम लोग ऐसे ही काफी देर करते रहे. फिर मैंने उनसे पोजीशन बदलने को कहा लेकिन उन्होंने मुझे बोला- मैंने पीछे कभी नहीं करवाया.
तो मैंने उन्हें दिलासा दी- मैं कर लूंगा.

फिर मैंने उनसे थोड़ी सा तेल या घी मंगवाया. भाभी तेल ले आयी.

मैंने थोड़ा तेल भाभी की गांड में लगाया और उंगली अंदर डाली तो मैं समझ गया कि यह पहली बार है.

फिर मैंने अपना लंड भाभी के पीछे वाले छेद में रखा. मैंने उनके दोनों हाथ जोर से दबा लिए और उनकी टांगें फैला दी और लंड पर दबाव बनाया. मेरा लंड भाभी की गांड में घुसने लगा.
भाभी बोली- धीरे धीरे!
मेरा आधा लंड भाभी की गांड में घुस चुका था.

फिर मैंने एक जोरदार शॉट मारा और मेरा पूरा लंड अंदर जा चुका था. भाभी के मुंह से इतनी जोरदार चीख निकली कि मैं तो डर ही गया.
मैंने देखा तो भाभी रो रही थी.

मैंने फिर अपना लंड थोड़ा बाहर निकाला और उनके मुंह पर अपना हाथ रख कर अंदर बाहर धीरे धीरे करने लगा. थोड़ी देर बाद भाभी को दर्द होना बंद हो गया, फिर भाभी मेरा साथ देने लगी औरउम्म्ह… अहह… हय… याह… की आवाज निकालने लगी.

मैं समझ गया कि अब भाभी को गांड मरवाने में मजा आ रहा है. ऐसा करते-करते करीब 10 मिनट हो गयातो उन्होंने मुझे गांड स लंड निकालने को कहा. मैंने लंड बाहर निकाल लिया.
उसके बाद भाभी ने मुझे अपने सीने से लगा लिया और मुझसे कहा- मैं तुम्हारा माल अपने मुंह में फिर से लेना चाहती हूं.

मुझे भी अच्छा लगा, मैंने अपना लंड उनके हाथ में दे दिया और वे उसे जोर जोर से चूसने लगी. ऐसे करते-करते करीब 5 मिनट बाद माल निकल गया और वे उसे जोर जोर से चूसने लगी.
मुझे भी बहुत अच्छा अनुभव हुआ.

फिर उन्होंने बताया कि ऐसा सुख में जीवन में जीवन में कभी नहीं मिला.
यह कहकर वह मुझसे जोर से लिपट गई.

फिर इसके बाद जब भी मौका मिलता … हम लोग सेक्स करते.
कभी वह मेरे कमरे में खुद कपड़े छत पर डालने के बहाने आ जाती या मैं कभी-कभी उनके घर जब पति और उनकी लड़की नहीं रहती, तब चला जाता.
उम्मीद करता हु आप को यह स्टोरी पसंद आयी होगी

English -


White blonde tenant sexy bhabhi fucking

Hello Friends, My name is Manoj I am a 26-year-old young boy living in Rewa city of Madhya Pradesh. I have a business to give tenants room by rent.

It is about the time when my wife went to her house during the festival of Sawan. A Pandit fraternity couple came to live with me at the same time. The husband's name was Shiv Kumar Pandey. He was at least 38 years old. And on seeing his wife, anyone's cocks should stand up and start saluting. Exactly like white milk of milk.

I was surprised to see his wife how she got married to this man. Her fate and even more beautiful was her daughter who was about 18 years old. He had just stepped into youth.

But what is his figure too… I used to get water in my mouth after seeing him. More beautiful than her mother, very beautiful like a nymph, very white.

It had been about 3 months since these tenants came. My wife had gone to the maiden and my parents also went out in my family for some program. I was completely alone at home.

Let me tell you that my parents' room was down and my room was up. There was a staircase leading to the outside. Which had my room and the tenants' room in front of it?

The tenants had to go upstairs to put their clothes on the stairway in front of my room.

Often his wife used to go upstairs to see me in a gown. Many times I used to sit in front of a shirt and t-shirt without opening the door.

Initially, she would sometimes flinch her eyes, but for a few days, she would look down at me and go down smiling. I did not say anything while being oblivious.

But one day, seeing me, she went down smiling loudly. I was likewise sitting filled with the absence of my wife and thought of taking a chance all day while reading the story in introspection.

So when she came again, I smiled seeing her too. She smilingly came to my room and said- What is the matter nowadays that you are very sad?

I said - yes sister-in-law.

"What happened?"

I said - my wife has gone out, my parents have gone out. And I get bored sitting alone.

So he said - why do you worry. I am there… tell me what should I do? Can I make something for you?

Forgot to tell you that his name was Madhuri.

So I said - No law!

He then asked about my wife.

I told them that our life is going very well.

And after a while, she left.

Then sometimes she herself would sit and sit and talk.

One day she looked a little sad. I saw them and she went down without saying anything.

Then I went to his room, I asked- Madhuri Bhabhi, why are you sad? Tell me what happened if there is any problem? I'll talk to your husband.

So they did not say anything and brought water for me.

Then he said - you will not understand. We are a husband and wife.

So I started getting up like this.

Then he stopped - listen, you were angry.

So I said - no, I did not get angry. But when you cannot tell me that thing, then how will I overcome your problem.

He told me- My husband does not come home on time and drinks a lot of alcohol. Due to this, I remain very upset and my life is not going well.

I said don't worry, I will convince them, gradually everything will be fine.

As soon as I said this, he grabbed my hand and said - how good you are.

As soon as he held my hand… I do not know how it felt like the current run in his body. My whole body became lighter and my body grew like a romp.

Perhaps he realized and he said - what's the matter? Wife remembered

So I smiled too.

She then went to the kitchen to make tea. His girl also went out for coaching.

Madhuri Bhabhi was smiling again and again while looking at me. I do not know what was happening. I was also seeing his back which was looking white. Seeing their bulging butts, my cock was on fire as if my cock would come out of tearing clothes.

Then do not know what tune struck me… I followed them back to the kitchen.

After a while they saw me turning around - why did you come here? I was just bringing tea.

I could not keep up… I held them tightly in my arms. She also started groaning.

Then sister-in-law took me away from her and said- this is all wrong.

I also thought that the law is right. And I started going.

But as soon as I turned… then the sister-in-law grabbed my hand and pulled it towards me and gave me a strong kiss that made my whole body blossom.

Then I put his hand above his gown and put it in his panty. The sister-in-law had a lot of hair on her pussy as if she had not cleaned it for months Even then I put a finger in her vagina, finding her pit.

It seemed as if she had gone to heaven. Joyful voices started coming out of his mouth.

Then I stuck my lips on his juicy lips. I did this for at least 15 minutes.

Then I removed his gown. What a blonde body like milk… Black bra panty in it… Now I became more uncontrollable and I wore my T-shirt, threw it off there and started licking them like crazy.

As soon as I started licking them, sister-in-law started breathing more rapidly and her whole body became hot. I took him in his lap and took him towards the bed. Then I lay them on my bed and put one hand inside her panty and started rubbing her pussy vigorously. Putting the other hand under his neck, Madhuri started kissing her sister in law.

We did this for half an hour. I kissed and licked their lips, cheeks eyes, throat, boobs coming out of bra.

With this, the lust of her sister was completely ignited and she quickly removed my underwear. Sister-in-law was very happy to see my cock. Seeing my 7 and a half inch cock, sister-in-law could not stop herself and started to shake her vigorously and play with her.

I understood that my sister-in-law is thirsty. Then sister-in-law pulled my cock towards her mouth. I had never done this till today. Neither my wife ever got me done.

Sister-in-law took my cock in her mouth and started sucking it hard. This was the first time for me. Sister-in-law was sucking my cock like a lollipop!

I could not keep up and after handling myself for 15 minutes, I fell into his mouth. And sister-in-law went to the bathroom laughing.

Then sister-in-law came to me after washing her mouth and started playing with my cock again and then started sucking her.

After doing this, after 7 minutes my cock got erect again. Then I pulled her bra loudly. Bra hooks were broken and their full naked boobs were in front of me. Then I broke down on their boobs and I pressed their boobs very hard and sucked one by one. As soon as I pressed the boobs… a small sigh would come out of their mouths.

While doing so, after about 20 minutes, he said - will you stay up? Won't go down?

I understood his gesture and came down kissing his whole body, then I removed his pimples and put a finger in his vagina.

And as soon as I put a finger in my vagina, I felt that she went to the seventh sky and started to say 'loud ... and loud ...'.

Then I started to finger her pussy in law.

While doing this, the sister-in-law got full enjoyment, she fell and she stuck me in her chest and said - no one has given me such fun till today.

Then he said - will only work with the finger? Show your beauty to him too!

I understood, I lifted one leg and slowly set my cock in his pit and as soon as I jerked, a loud scream came out of his mouth.

I was scared. I stayed a while.

Then when I asked him the reason for the pain, he said - My husband does not have much interest in having sex, then I remain thirsty. The last time he did was about 6 months ago.

I understood his pain. Then I removed my cock from sister-in-law's pussy and gave it the bulk again. But this time I had put my lips on her lips.

Now I started jerking harder. Sister-in-law was also lifting her bum and was supporting me and was asking for fast sex.

I was enjoying it too.

We kept doing this for quite a while. Then I asked him to change the position but he told me - I never got him back.

So I comforted them - I will.

Then I asked him for some oil or ghee. Bhabhi brought oil.

I put some oil in the sister-in-law's ass and put my finger in, so I understood that this is the first time.

Then I put my cock in the hole behind the law. I pressed both his hands vigorously and spread his legs and put pressure on the cocks. My cock started entering into sister-in-law's ass.

Sister-in-law said - slowly!

Half of my cock had entered the sister-in-law's ass.

Then I hit a forceful shot and all my cock was gone inside. A loud scream came out of her sister-in-law that I was scared.

When I saw my sister-in-law, she was crying.

I then took my cock out a little and put my hand on his mouth and started slowly inside. After a while, the sister-in-law stopped hurting, then the sister-in-law started supporting me and Ummah… Ahhh… Hahh… Yah….

I understood that now the sister-in-law is having fun getting her ass killed. It was about 10 minutes while doing this, so he asked me to remove my ass. I took the cocks out.

After that sister-in-law took me from her chest and told me - I want to take your goods in my mouth again.

I liked it too, I gave my cock in his hand and he started sucking it very hard. While doing so, the goods went out after about 5 minutes and they started sucking him very hard.

I also had a very good experience.

Then he told me that never got such happiness in life in life.

Saying this she hugged me hard.

Then whenever there was a chance… we would have sex.

Sometimes she would come to my room on the pretext of putting clothes on the roof or I would sometimes go to her house when her husband and her girl were no more.

Hope you like this story

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