Fucking Cute Neighbors Pussy / प्यारी भाभी की चूत की चुदाई | Indian Sex Stories

  Fucking Cute Neighbors Pussyप्यारी भाभी की चूत की चुदाई | Indian Sex Stories

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Fucking Cute Neighbors Pussy / प्यारी भाभी की चूत की चुदाई - दोस्तो, मेरा नाम राहुल  है और मैं एक जिगोलो हूँ. मैं राजस्थान जयपुर का रहने वाला हूँ, मेरी उम्र 22 साल है. ये मेरी पहली सेक्स कहानी मेरी प्यारी भाभी की चूत चुदाई की है. मेरी भाभी ने मुझसे चूत चुदवा कर जिगोलो बना दिया था.


मैं आपको अपने बारे में बता देता हूँ, मेरी हाइट 5 फुट 9 इंच है. कद-काठी भी ठीक-ठाक है. मेरे लंड का साइज 7 इंच है, जो किसी भी गर्ल, आंटी या भाभी की चूत को चोद कर उनकी पूरी तरह से प्यास बुझा सकता है.


ये बात 2017 की है. मैं अपने किसी काम से अपने चाचा के घर गया था, जो जयपुर में ही दूसरी कॉलोनी में रहते थे. उनका एक बेटा था, जो कि शादीशुदा था … और उम्र में मुझे कुछ बड़ा था. उसकी पत्नी मेरी भाभी लगती थीं. भाभी का नाम रूपा था.


मैं दिन मैं 1 बजे चाचा के घर पहुँचा. मैंने घर के बाहर लगी कॉलबेल बजाई. एक मिनट बाद रूपा भाभी ने दरवाजा खोला. उनको देख कर तो मेरे होश ही उड़ गए … रूपा भाभी आज क्या मस्त माल दिख रही थीं. उनको देख कर तो मैं दरवाजे पर खड़ा खड़ा ही अपनी आंखों से भाभी को चोदने लगा.


फिर रूपा भाभी ने आवाज दी- कहां खो गए?

इस पर मैं झेंप गया और बोला- कहीं नहीं.


उन्होंने मुझे अन्दर बुलाया और पानी दिया. मैंने चाचा के लिए पूछा, तो उन्होंने बोला कि चाचा और आपके भैया किसी काम से बाहर गए हैं … शाम तक आएंगे.

मैंने पानी पी कर जाने को बोला, तो भाभी बोलीं- थोड़ी देर तो रुको, बाद में चले जाना. मैं आपके लिए चाय बनाती हूं.


वो रसोई में जाने लगीं, मैंने अपनी आंखों से उनकी चुदाई फिर से शुरू कर दी. पीछे से क्या मस्त गांड मटकती हुई दिख रही थी. मेरा मन कर रहा था कि झपट कर पकड़ लूं और भाभी को चोद डालूं.


मुझे रहा नहीं जा रहा था तो मैं ऐसे ही बातें करते हुए उनके पीछे पीछे चला गया. मैं भाभी के साथ कुछ घर की बातें करने लगा. बातें करना तो एक बहाना था, मैं तो लगातार उनको ही देख रहा था.


वो हंस कर पूछने लगीं- आप हमारी तरफ तो आते ही नहीं हो?

इस पर मैंने भी मजे लेते हुए बोल दिया- आप बुलाती ही नहीं हो.


फिर हम दोनों चाय ले कर हॉल में आ गए और चाय पीने लगे. मेरी नजर भाभी के बोबों पर ही टिकी थी … क्या मस्त लग रहे थे.


उन्होंने मुझे अपने चूचे देखते हुए देख लिया. वो अचानक से बोलीं- क्या देख रहे हो?

भाभी की एकदम से निकली तेज आवाज से डर के मारे मेरे हाथों से कप गिर गया.

मैंने सॉरी बोल दिया और उन्होंने कहा- कोई बात नहीं.


वो कप के टुकड़े उठाने में लग गईं. इस वक्त भाभी झुक कर सफाई कर रही थीं. इसलिए मेरी मादरचोद नजर फिर से उनके बोबों पर चली गई. तभी एकाएक उनका साड़ी का पल्लू नीचे गिर गया,. जिससे उनके बोबे साफ साफ दिखाई देने लगे. ये हरकत कैसे हुई थी, मुझे नहीं मालूम था, लेकिन पल्लू गिरने के बाद भाभी ने अचानक से मेरी तरफ देखा.


वो अपना पल्लू ठीक करते हुए बोलीं- क्या देख रहे हो?

मैंने बोला- कुछ नहीं भाभी … बस आपको सफाई करते देख रहा था.

ये सुनकर वो मुस्कराने लगीं … और अपने काम में लग गईं.


फिर उन्होंने मुझसे अचानक से पूछा- आपकी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है क्या?


इस पर मैंने मना कर दिया तो भाभी बोलीं- यार आप तो इतने स्मार्ट और गुड लुकिंग हो … और कोई गर्लफ़्रेंड नहीं है … ऐसा हो ही नहीं सकता. कोई मिली नहीं क्या?

उनकी बातों से मुझे लगने लगा कि आज भाभी को चोदने का काम बन सकता है.


मैं बोला- हां भाभी … मुझको कोई आपके जैसी मिली ही नहीं.

इस पर वो मुस्कराने लगीं और बोलीं- मेरे में ऐसा क्या ख़ास है?

मैंने कहा- भाभी आप बहुत नहीं, बहुत ही ज्यादा सुंदर हो.

इस पर वो आंख नचाकर बोलीं कि अच्छा … मैं इतनी सुन्दर लगती हूँ, तो आप मुझे ही अपनी गर्लफ्रेंड बना लो.


भाभी से यही सब बातें करते करते मेरा लंड पैन्ट के अन्दर तम्बू की तरह खड़ा हो गया. मैंने गौर किया कि भाभी मेरे लंड को फूलते हुए देख रही थीं.


मैंने भी जानबूझ कर अपने लंड को ठीक करने के बहाने भाभी के सामने ही लंड को सहला दिया.

इस पर भाभी बोलीं कि बेचैनी हो रही है क्या?

मैंने कुछ नहीं कहा.


तो भाभी ने आगे पूछा- अब तक किसी लड़की के साथ मजे किए हैं?

इस पर मैं समझ गया कि अब मामला साफ़-साफ़ होने लगा है. मैं समझ गया था कि भाभी चुत चुदाने के लिए तैयार हैं … बस मुझे पहले पहल करनी होगी.


मैं बोला- नहीं … लेकिन आज मन है.

ये कहते हुए मैंने आगे को सरक कर भाभी को थाम लिया और उन्हें किस करने लगा. भाभी भी मेरा साथ देने लगीं.


हम दोनों सोफे पर बैठे हुए ही आपस में एक दूसरे में खो गए. हम दोनों हॉल में ही एक दूसरे से लिपलॉक करने लगे. मैं आहिस्ता आहिस्ता उनके बोबों को दबाने लगा, जिससे भाभी और भी गर्म हो गईं.


मैं हल्के से उनकी साड़ी में हाथ डालकर उनकी चूत को सहलाने लगा, जिससे वो और भी ज्यादा उत्तेजित हो गईं.

अब भाभी बोलने लगीं- ओअह … उम्म्ह … अहह … हय … याह … जानू और प्यार करो मुझे … मैं बहुत दिनों से प्यासी हूँ, आज मुझे खूब प्यार करो.


भाभी मेरे लंड को पैन्ट के ऊपर से मसलने लगीं और उन्होंने मेरी पैन्ट की चैन खोल कर लंड को बाहर निकाल लिया. भाभी मेरे खड़े लंड कोई हिलाने लगीं.

मैंने उनकी साड़ी को उनकी जांघों तक सरकाया तो भाभी बोल उठीं कि बेडरूम में चलते हैं.


हम दोनों बेडरूम में आ गए. जैसे ही हम बेडरूम में पहुंचे, मैंने उनको पीछे से पकड़ लिया और उनके गले पर चूमने लगा.

मुझे रुका नहीं जा रहा था, तो भाभी बोलीं- थोड़ा रुको तो सही.


पर मैं कहां रूकने वाला था. मैं लगातार भाभी को किस करता रहा और उनको दरवाजे से ही अपनी बांहों में उठा कर बेड पर ले गया. भाभी को बिस्तर पर लिटा कर मैं उनको किस करने लगा. जिससे वो और भी ज्यादा गर्म हो गईं. उनके मुँह से मादक सिसकारियां निकलने लगीं.


भाभी- ओअह … उम्म्ह … अहह … हय … याह … मज़ा आ रहा है … ऊह और करो.


मैंने भाभी को किस करते करते उनका ब्लाउज खोल दिया. उन्होंने ब्लैक कलर की ब्रा पहन रखी थी, जिसे मैंने निकाल फेंका. आह क्या मस्त बोबे थे. मैं भाभी के दूध पीने लगा और दबाने लगा. जिससे शायद भाभी को दर्द हो रहा था.


भाभी बोलीं कि आह … प्यार से दबाओ न … अब मैं तुम्हारी ही हूँ … मैं भी तुम से चुदाने को बेकरार हूँ.


मैंने उनकी साड़ी को पूरी निकाल फेंकी. अब वो मेरे सामने सिर्फ चड्डी में पड़ी थीं. मैं चड्डी के ऊपर से भाभी की चूत को मसलने लगा, जिससे वो और गर्म हो गईं. भाभी की चड्डी गीली होने लगी थी. मैंने अपने पैरों से उनकी चड्डी भी निकाल दी और मैंने उनको पूरी तरह से नंगा कर दिया.


अब मैं भाभी की खूबसूरत फिगर को देख रहा था और एकदम से झपट्टा मारते हुए मैं उन पर चढ़ गया. मैं भाभी के गले पर किस करने लगा. ऐसे ही किस करते हुए मैं नीचे आता गया और उनकी नाभि पर किस करने लगा. इससे भाभी इतना ज्यादा उत्तेजित हो गईं कि मेरे सिर को पकड़ कर दबाने लगीं और उत्तेजित होकर ‘शीईईईई उईईई … आह ओऊऊ …’ करने लगीं.


मैंने नीचे खड़े होकर अपना लंड उनको हाथ में दे दिया. मैंने भाभी से लंड को किस करने को बोला. वो मेरे लौड़े को मुँह में ले कर चूसने लगीं.


फिर मैं 69 की पोजीशन में आ गया. मैं उनकी टांगों के बीच में आकर उनकी चूत को किस करने लगा, जिससे भाभी और भी ज्यादा उत्तेजित हो गईं और बोलने लगीं- देवर जी, अब और मत तड़पाओ … अपना लंड अपनी प्यासी भाभी की चूत में डाल दो … आआहह उईईईई … शीई … मेरी चूत को चोद चोद कर फाड़ दो.


मैंने भाभी के दूध दबाते हुए कहा- भाभी, आज मैं आपकी चुत के चिथड़े उड़ा दूँगा.

भाभी हंस कर बोलीं- फिर इसके बाद क्या अपनी भाभी को बिना चुत के कर दोगे?

मैंने भी हंस कर भाभी को चूम लिया.


भाभी- यार तेरे भैया अपने काम में इतने ज्यदा बीजी रहते हैं कि मुझे चोदना ही भूल गए.

मैंने कहा- कोई दिक्कत नहीं है भाभी. आपका देवर तो आपकी सेवा के लिए आ गया है.


फिर मैंने भी भाभी की टांगें फैला कर अपना लंड उनकी चूत में डाल दिया. अभी मेरा आधा लंड ही अन्दर गया था कि भाभी की चीख से कमरा भर गया.

भाभी दर्द से तड़फते हुए बोलने लगीं- आह मार दिया … हरामजादे मेरी चूत फाड़ दी.


मेरा लंड भाभी की चूत में आधा चला गया था. मैंने उनकी चीख पुकार पर कोई ध्यान नहीं दिया. बल्कि फिर से एक और धक्का दे मारा.

इस मर्तबा मेरा पूरा लंड उसकी चुत में समा गया. भाभी फिर से रोने लगीं, लेकिन मुझे उनकी परवाह थी ही नहीं.

मैंने भाभी की जोरदार चुदाई चालू कर दी. अपने लंड के लम्बे लम्बे धक्के भाभी की चुत में देता रहा.


थोड़ी देर उनके मुँह से कामुक आवाजें आने लगीं- इश यस्स आह आह. वो ‘आह ओन्हन्न यस … और ज़ोर से चोदो मुझे … आह!

चुदाई की मस्ती छाने लगी थी. मैं अपने पूरे जोश से उनकी चुदाई करने लगा.


कुछ देर बाद वो अकड़ने लगीं, शायद वो झड़ गई थीं … पर मेरा अभी बाकी था. मैं पूरे जोश से लगा रहा.


थोड़ी देर बाद भाभी भी दुबारा से तैयार हो गईं और मेरा साथ देने लगीं. वो अब पूरे जोश के साथ थीं, उनके मुँह से कामुक आवाजें कमरे के माहौल को और भी मस्त कर रही थीं- अह्ह्ह्ह … इसस्स … इश्स … चोद दे मुझे … और ज़ोर से चोद मेरी चूत का भोसड़ा बना दे … आज जैसी चुदाई मिली इस चूत को … मानो ऐसा लग रहा था जैसे पहले कभी चुदाई नहीं हुई हो.


मैं अपने जोश में लगा था. बीस मिनट की चुदाई में वो दूसरी बार झड़ने वाली थीं. अभी मेरा भी होने वाला था. मैंने कहा- रुको यार … मेरा भी होने वाला है … जल्दी बोलो … कहां निकालूं?

भाभी बोलीं- अन्दर ही निकाल दो … मुझे तुम्हारा वीर्य अन्दर महसूस करना है.

मैंने भाभी की चूत के अन्दर ही रस निकाल दिया.


वो मुझसे लता की तरह लिपट गईं. थोड़ी देर हम ऐसे ही पड़े रहे. कोई दस मिनट बाद हम दोनों अलग हो गए.


भाभी बोलीं- आज से मैं तेरी गुलाम हो गई हूँ, जब भी तेरा चोदने का मन हो, मुझे चोद लेना.

वो मुझे किस करने लगीं. मैंने भी उनको चूमा.


फिर हमने अपने अपने कपड़े पहने और बाहर हॉल में आ गए. कुछ देर हम इधर उधर की बातें करने लगे. थोड़ी देर में मेरा लंड फिर से चोदने को तैयार था.

मैंने रूपा भाभी से बोला- मैं आपको एक बार और चोदना चाहता हूँ.

रूपा भाभी ने मना कर दिया और बोलीं- राहुल  … अब घर वालों के आने का टाइम हो गया है … तो फिर कभी करेंगे.


रूपा भाभी ने मुझे जब यह बोला, तो मैंने भी मोबाइल में समय देखा. हमको काफी देर हो चुकी थी. फिर मैं वहां से उनको एक हग और किस करके घर चला आया.


उसके बाद मैंने बहुत बार मेरी प्यारी भाभी की चूत चुदाई की. उसके बाद भाभी ने अपनी पड़ोसन भाभी को मेरे बारे में बताया, तो वो भी मुझसे चुदने को बोलने लगी. फिर भाभी ने मुझे बताया, तो मैंने मना कर दिया.


भाभी के जोर देने पर मैंने उनसे मिलने के लिए हां बोल दिया. उस दिन मैंने दोनों को एक साथ चोदा.


फिर भाभी की पड़ोसन मुझे बार बार बुलाने लगीं और होटल में मिलने लगीं. वो मुझे चुदाई के लिए पैसे भी देने लगीं.


उन पड़ोसन भाभी ने मेरा नंबर एक अन्य औरत को भी दे दिया और फिर इस तरह मैं लंड की सर्विस देने लगा.


उम्मीद करता हु आप को यह स्टोरी पसंद आयी होगी


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Friends, my name is Rahul and I am a Gigolo. I am from Rajasthan Jaipur, I am 22 years old. This is my first sex story of my beloved sister-in-law Chudai. My sister-in-law had made me Jigolo by fucking her pussy.

Let me tell you about myself, my height is 5 feet 9 inches. The height is also good. The size of my cock is 7 inches, which can quench their thirst completely by fucking any girl, aunt or sister-in-law.

This is the matter of 2017. I went to some of my work at my uncle's house, who lived in another colony in Jaipur. They had a son, who was married… and I had a big age. His wife looked like my sister-in-law. The name of the sister-in-law was Roopa.

I reached my uncle's house at 1 o'clock in the day. I rang the call bell outside the house. A minute later Roopa Bhabhi opened the door. Seeing them, my senses flew away… What beautiful material was Rupa Bhabhi looking today. Seeing them, I stood at the door and started fucking Bhabhi with my eyes.

Then Roopa Bhabhi gave voice - Where are you lost?

I blushed and said - Nowhere.

They called me in and gave them water. When I asked for my uncle, he said that my uncle and your brother have gone out of work… will come by evening.

I said to go after drinking water, then sister-in-law said- Wait for a while, go away later. I make tea for you

She started going to the kitchen, I started her fuck again with my eyes. From behind, what a great ass was looking slick. I was thinking that I could grab and grab the sister-in-law.

I was not going to stay, so I went behind them while talking like this. I started talking about some house with sister-in-law. Talking was an excuse, I was constantly watching them.

She started laughing and asked - you don't come to our side at all?

On this, I also spoke while having fun - you don't even call.

Then we both came to the hall after taking tea and started drinking tea. My eyes were fixed on the bobs of her sister… what looked cool.

He saw me looking at his cock. She suddenly said - what are you seeing?

The cup fell out of my hands due to fear from the loud voice of the sister-in-law.

I was sorry and he said - no problem.

She started picking up the pieces of the cup. At this time, sister-in-law was cleaning up. So my madder eye again went to his bobs. Then suddenly the sari of her sari fell down. Due to which his Bobay became clearly visible. I did not know how this action happened, but after falling Pallu, sister-in-law suddenly looked at me.

She said while correcting her pallu - what are you looking at?


I said - nothing sister-in-law… just watching you cleaning.


Hearing this, she started smiling… and got engaged in her work.


Then they suddenly asked me - don't you have a girlfriend?


On this, I refused, then sister-in-law said - you are so smart and good looking… and there is no girlfriend… it cannot happen. Didn't find anyone?


From his words I started to think that today he can do the work of fucking his sister-in-law.


I said - yes sister-in-law… I have not found anyone like you.


She started smiling at this and said- What is special about me?


I said - in law you are not very, very beautiful.


On this, she said with an eye and said… I look so beautiful, you make me your girlfriend.


While doing all these things with her sister-in-law, my cock stood inside the tent like a tent. I noticed that sister-in-law was watching my cock swell.


I also deliberately stroked the cocks in front of my sister-in-law on the pretext of fixing her cocks.

On this, sister-in-law said that she is feeling restless?

I did not say anything.

So sister-in-law asked further - have fun with any girl till now?

On this, I understood that now the matter has started becoming clear. I understood that the sister-in-law is ready to fuck… just I have to take the initiative first.

I said no - but today I have the mind.

Saying this, I moved forward and held the sister-in-law and started kissing them. Sister-in-law also started supporting me.

We both got lost in each other sitting on the couch. We both started to lip lock in the hall itself. I slowly started pressing her bobs, which made her even more hot.

I lightly put her hand in her saree and started caressing her pussy, which made her even more excited.

Now sister-in-law started speaking - Oooh… Ummh… Ahhh… Hah… Jah… know and love me… I am thirsty for a long time, love me a lot today.

Sister-in-law started rubbing my cock on top of the pant and he opened the chain of my pant and pulled the cock out. Sister-in-law started shaking some of my cocks.

When I moved her sari to her thighs, sister-in-law said that let's go to the bedroom.

We both came to the bedroom. As soon as we reached the bedroom, I grabbed him from behind and started kissing on his neck.

I was not going to stop, so sister-in-law said- Wait a little, right.

But where was I going to stop? I continued kissing her sister-in-law and picked her up from the door and took her to bed. I started kissing her by lying on her bed. Due to which she became even more hot. Alcoholic cicacias started coming out of his mouth.

Sister-in-law… Ummh… Ahhh… Hahh… Yah… Enjoying… Ooh and do it.


I opened her blouse to kiss her sister-in-law. He was wearing a black colored bra, which I threw out. Ah, what was Mast Bobbe. I started drinking milk of sister-in-law and started pressing. Which was causing pain to her sister-in-law.

Sister-in-law said, "Oh, don't suppress with love ... Now I am yours ... I am also desperate to fuck you."


I threw out her sari completely. Now she was just lying in front of me in tights. I started rubbing her sister's pussy over the trunks, which made her hot. Sister-in-law's tights were getting wet. I also removed their tights from my feet and I completely stripped them.


Now I was looking at the beautiful figure of her sister-in-law and I climbed on her with a pounce. I started kissing on the sister-in-law's neck. While doing this, I came down and started kissing on his navel. Due to this, her sister got so much excited that she grabbed my head and started pressing and started to get excited 'Sheeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeee….


I stood down and handed my cock to them. I asked sister-in-law to kiss me. She started sucking my Alore in the mouth.

Then I moved to the 69 position. I started kissing her pussy in between her legs, due to which the sister-in-law became even more excited and started speaking - Devar ji, do not torture anymore… put your cock in your thirsty sister-in-law’s pussy… aaaah uiui… shei… Fuck my pussy and fuck it.


I said while pressing the milk of sister-in-law, today, I will blow your dud.


Sister-in-law laughed, then after this, will you do your sister-in-law without kissing?


I also smiled and kissed her sister-in-law.

Sister-in-law, your brother is so much busy in his work that I forgot to fuck.

I said - no problem, sister-in-law. Your brother-in-law has come to serve you.

Then I too spread the legs of the sister-in-law and put my cock in her pussy. Now half my cock had gone inside that the room was filled with the scream of sister-in-law.


Sister-in-law began to speak in agony- Ah killed her… Haramzade tore my pussy.


My cock had gone half in law's pussy. I did not pay any attention to his cry. Rather again hit another push.

This time, my whole cock got absorbed in his pussy. Sister-in-law started crying again, but I did not care about them.

I started vigorous fucking of her sister-in-law. The long bang of his cock kept giving it in law.

For a while, sensual voices started coming from their mouths - ish, ah ah ah. That ‘Oh Onhan Yes… and loudly fuck me… Ah!

The fun of sex was spreading I started fucking him with all my passion.

After some time, they started clashing, maybe they had fallen… but I still had. I kept on passionately.

After a while, sister-in-law also got ready again and started supporting me. She was now full of passion, sensual sounds from her mouth were making the room atmosphere even more - Ahhhhh… Iss… Isss… Chod de me… and loud Chod make my pussy bhosda… Today as I got fuck Pussy… as if it seemed as if never had sex before.

I was excited. She was going to fall for the second time in twenty minutes of fucking. I was also going to be I said - wait friend… I am going to be too… Speak fast… Where do I get out?


Sister-in-law said - Take it out inside… I want to feel your semen inside.


I removed the juice inside the sister-in-law's pussy.

She hugged me like a creeper. We stayed like this for a while. After ten minutes we both separated.

Sister-in-law said - Since today I have become your slave, whenever you want to fuck me, get me a fuck.

She started kissing me. I kissed them too

Then we put on our clothes and came out into the hall. Sometime we started talking here and there. In a while my cock was ready to fuck again.

I said to Rupa Bhabhi - I want to fuck you once more.

Roopa Bhabhi refused and said- Rahul… now it is time for the housemates to come… if ever they will.

When Roopa Bhabhi said this to me, I also saw time in mobile. We were quite late. Then I drove them home from there after doing a hag and kiss.

After that I fuck my dear sister-in-law many times. After that, sister-in-law told her neighbor-in-law about me, then she also started speaking to me. Then sister-in-law told me, then I refused.

On the insistence of her sister-in-law, I said yes to meet her. That day I fucking both of them together.

Then sister-in-law's neighbors started calling me again and again in the hotel. She also started paying me for the fuck.

Those neighbors sister-in-law also gave my number to another woman and then I started giving cocks service.

Hope you like this story

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